Welcome to Him Organic India!

About Us

Welcome to HIM ORGANIC!

Himorganic is not a product it's a thought in itself. The seeds of Himorganic were sowed 18 years back when uttarakhand came into existence. The idea of making the people self-reliant with biological products and herbs was in the ajenda of Uttarakhand state; to formulate policy, creating employments and hence put an end into Brain drains of Uttarakhand youths.

It all started from one of the scenic places in Uttarakhand, Baijnath (in Bageshwar District), Baijnath represents historical and cultural diversity of state and it got its recognition from Kausani "The Switzerland of Uttarakhand" Baijnath is the meeting point of Garwhal and Kumaon region and it is connected through the nets of national and state highways. In the year of 2000 himorganic evolved as a cooperative society in smaller scale as years passed it got wider and now known as "Himalayan Organic Industrial Production cooperative Committee Limited" the main motive behind this was to provide market for local crops thus making local farmers self-reliant. In the beginning main focus was on Beekeeping, in very small span of time Himorganic evolved as a major manufacturer/supplier of local productions and now it has footprints in other states too.

Himorganic has its industrial area in Baijnath where high level hygiene is followed in making of local organic foods viz. Jams, Juices, Pickles, Spices, Flour, Dal, Tea, Rice, Biscuit, Namkeen the counting is more than 65(a huge figure) Himorganic has teamed more than 7000 local farmers whose organic products are taken by himorganic to process. This motivates farmers to produce more crops in a year; that's a good sign. Himorganic has more than 50 permanent employees and rest contractual employees.

Himorganic’s industrial Complex :

Himorganic has established its Industrial Campus at Bageshwar’s scenic valley This complex is made up of a large terrain on Kausani-Bageshwar State Highway, approximately in 110000 square foot. Latest machinery are embedded in this huge complex. Complex have dough, lentils, tea processing and packaging machines based on latest technology. Modern grading machines have been installed for pulses, rice etc. Cleanliness has been taken care of in high priority. There is a proper bifurcation between production unit and office premises. Only authorized personnel can enter in production and packaging units.

Market expansion of HimOrganic

Himorganic is based on cooperative ideology. It has a unique customer base, in past few years there has been a huge revolution in organic food industry by keeping that in mind Himorganic expanded itself in various part of India. It expanded itself from local market to international markets. In uttarakhand we have a huge customer base therefore we have established four outlets. One outlet is in rawaikhal(Bageshwar), one in baijnath , one in tourism city kausani and recently we opened one in dehradun (Capital of Uttarakhand) . Apart from National Capital Delhi, Noida, Ghaziabad, Gurgaon, Faridabad; Himorganic has also spread its reach in Lucknow and Saharanpur. Also focusing on export of some organic products.

Vision:

  • Strong bonding between customer and manufacturer
  • More than 100 non-biological biological products in more than seven categories
  • Stock points at district and block level
  • Trustworthy Selling and Shopping Models
  • Employment Opportunities for without investing huge capitals
  • Product based business plan
  • 360 degree online Eco system
  • Setting record in direct selling at global level
  • Creating a sustainable and dependable system of productive, distributor and consumer

Mission:

  • Increasing their livelihood by providing a global market for their products and handicrafts to the rural people
  • Giving the right to the rural producers their product
  • Providing fresh, natural and organic food products
  • Protecting, promoting and encouraging the agriculture of the mountainous areas
  • Providing self-employment and sustainable livelihood opportunities to the rural masses
  • To support the goal of doubling the income of farmers
  • Creating a Clean Business Network for Regional Products
  • Conservation and promotion of environment, ecology and bio-diversity
  • Strengthening the Rural Economy to Withdraw

हिम आर्गेनिक की दुनिया में आपका स्वागत है!

हिम आर्गेनिक उत्पाद ही नहीं एक विचार भी है। इसकी कल्पना आज से 18 साल पहले एक मिशन के तौर पर की गयी थी जब उत्तराखंड राज्य अस्तित्व में आया था जैविक उत्पादों और जड़ीबूटियों से लोगो को आत्मनिर्भर बनाने का विचार उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना में था उसके लिए नीतिया बनाने और युवाओ को रोजगार देकर पलायन को रोकना प्राथमिकता में था हिम आर्गेनिक ने इस परिकल्पना को साकार करने के लिए सुरु कियाए उत्तराखंड के बागेश्वर जनपद की सुरम्य घाटी बैजनाथ उत्तराखंड की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को अपने में समेटे कभी यह पहाड़ की बड़ी मंडियों में से एक थी अब भारत का स्विट्ज़रलैंड कहे जाने वाले कौसानी से इसे नई पहचान मिली है गढ़वाल और कुमाऊं का संधि स्थल है बैजनाथ पुरे देश के साथ सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है वर्ष २००० में बहुत छोटे स्तर पर हिम आर्गेनिक की स्थापना को-ऑपरेटिव सोसाइटी के आधार पर की गई द्य इसे अब हिमालयन आर्गेनिक औद्योगिक उत्पादन सहाकरी समिति लिमिटेड के नाम से जानते है द्य इसके पीछे विचार था की स्थानीय उपजो को बाजार मिले और किसान आत्मनिर्भर हो इसकी शुरुआत मौनपालन केंद्र से हुई है हिम आर्गेनिक ने बहुत कम समय में अपने उत्पादों से उपभोग्ताओ में पहचान बनाई है द्य उत्तराखंड में स्थानीय उपजो से रोजगार पैदा करने के लिए हिम आर्गेनिक ने ध्वजवाहक का काम किया हैए आज उत्तराखंड में ही नहीं देश के अन्य हिस्सों में भी हिम आर्गेनिक के उत्पाद अपना स्थान बना चुके है ए हिम आर्गेनिक के पास बैजनाथ में अपना औद्योगिक परिसर है द्य इसमें आधुनिक मशीनो द्वारा बहुत हाइजनिक तरके से उत्पाद बनाये जाते है द्य सारे उत्पाद जैविक रूप में पंजीकृत है द्य इस समय बैजनाथ औद्योगिक परिसर में जैम, जूस, अचार, मसाले, आटा, दाल, चाय, चावल, बिस्किट, नमकीन सहित लगभग ६५ से अधिक जैविक उत्पाद बनाये जा रहे है द्य हिम आर्गेनिक ने छेत्र के लगभग ७००० किसानो को अपने साथ जोड़ा है जिनके जैविक फसलों को हिम आर्गेनिक लेता है इससे किसान हर वर्ष अधिक उत्पादन के लिए प्रेरित हो रहे है द्य कंपनी में इस समय ५० से अधिक कर्मचारी प्रत्यक्ष रूप से और सैकड़ो कर्मचारी अप्रत्यक्ष रूप से कार्यरत है

हिम ऑर्गेनिक का ओद्यौगिक परिसर

'हिम ऑर्गेनिक' ने उत्तराखंड के बागेश्वर जनपद की सुरम्य घाटी बैजनाथ में अपना ओद्यौगिक परिसर स्थापित किया है। कौसानी-बागेश्वर मुख्य मार्ग पर यह परिसर एक बड़े भू-भाग में बना है। लगभग साढ़े पांच नाली अर्थात 110000 स्क्वायर फिट में भवन निर्माण हुआ है। इसमें आधुनिक मशीनें लगाई गई हैं। इन मशीनों में आटा, दाल मसाला, चाय की प्रोसेसिंग और पैकेजिंग की मशीनें लगी हैं। दाल, चावल आदि के लिये आधुनिक ग्रेडिंग मशीने लगाई गई हैं। परिसर में पूरी तरह स्वच्छता का ध्यान रखा गया है। स्वच्छता के मानकों का पूरी तरह पालन किया जाता है। परिसर में उत्पादन क्षेत्र और ऑफिस को अलग किया गया है। यह सुनिश्चित किया गया है कि उत्पादन और पैकिंग क्षेत्र में अधिकृत लोग ही जायें।

हिम ऑर्गेनिक का बाजार नेटवर्क

'हिम आॅर्गेनिक' को-आॅपरेटिव आधार पर चलने वाली कंपनी है। इसका अपना एक अलग उपभेक्ता वर्ग है। पिछले कुछ समय से जैविक उत्पादों के प्रति नई चेतना आई है तो 'हिम आॅर्गेनिक' ने भी अपना फैलाव किया है। स्थानीय बाजार से बाहर निकलकर 'हिम आर्गेनिक' ने देश-विदेश में अपने उत्पाद पहुंचाने की ओर कदम बढ़ाया है। मौजूदा समय में स्थानीय बाजार अर्थात पूरे उत्तराखंड में 'हिम आॅर्गेनिक' अपने उत्पाद उभोक्ताओं के बीच है। हमारे चार आउटलेट हैं। एक आउटलेट बोगश्वर जनपद के ही रंवाईखाल में है। एक फैक्टरी के पास बैजनाथ में तहसील के पास है। पर्यटन नगरी कौसानी में भी एक आउटलेट है। अभी हाल में देहरादनू में हमने अपने डिपो कम आउटलेट की शुरुआत की है। अभी राजधानी क्षेत्र दिल्ली के नोएडा, गाजियाबाद, गुडगांव, फरीदाबाद के अलावा लखनऊ और सहारनपुर में भी 'हिम आॅर्गेनिक' ने अपनी पहुंच बनाई है। कुछ उत्पादों को निर्यात भी किया जा रहा है।

विज़न

  • कस्टमर और प्रोड्यूसर का ठोस गठबंधन
  • सात से अधिक श्रेणियों में 100 से अधिक बेहरतीन जैविक उत्पाद
  • जिला एवं ब्लॉक स्तर पर स्टॉक प्वांट्स
  • भरोसेमंद सेलिंग और शॉपिंग मॉडल
  • बिनी पूंजी निवेश के रोजगार के अवसर
  • प्रोडक्ट-बेस्ड बिजनेस प्लान
  • 360 डिग्री ऑनलाइन ईको सिस्टम
  • वैश्विक स्तर पर डायरेक्ट सेलिंग में कीर्तिमान स्थापित करना
  • उत्पादक, वितरक और उपभोक्ता का टिकाऊ और भरोसेमंद तंत्र खड़ा करना

मिशन

  • ग्रामीण लोगों को उनके उत्पाद और हस्तशिल्प के लिए वैश्विक बाजार प्रदान कर उनकी आजीविका को बढ़ाना।
  • ग्रामीण उत्पादकों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिलाना।
  • ताजे, प्राकृतिक और जैविक खाद्य उत्पाद उपलब्ध कराना।
  • पर्वतीय (भ्पउंसंलंद ठमसज) की कृषि को संरक्षित, संवर्धित और प्रोत्साहित करना।
  • ग्रामीण जनता को स्वरोजगार और स्थाई आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना।
  • किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य में सहयोग करना।
  • क्षेत्रीय उत्पादों के लिए साफ-सुथरे व्यापार का नेटवर्क खड़ा करना।
  • पर्यावरण, पारिस्थितिकी और जैव-विविधता का संरक्षण एवं संवर्धन करना।
  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर पलायन को रोकना ।